Home > लाइफस्टाइल > यकीं नहीं करेंगे आप इस नाई के पास है करोड़ो की कारे, 9 करोड़ की कार से जाते है बाल काटने !

यकीं नहीं करेंगे आप इस नाई के पास है करोड़ो की कारे, 9 करोड़ की कार से जाते है बाल काटने !

यकीं नहीं करेंगे आप इस नाई के पास है करोड़ो की कारे, 9 करोड़ की कार से जाते है बाल काटने !

यकीं नहीं करेंगे आप इस नाई के पास है करोड़ो की कारे, 9 करोड़ की कार से जाते है बाल काटने !

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भारत में एक शानदार कार खरीदने का सपना ज्यादातर लोगो का पहला सपना होता है ताकि वो भी समाज में अपना रूतबा दिखा सके, पर एक शानदार या लक्ज़री कार खरीदना हर किसी की बस की बात नहीं होती है। किसी भी साधरण व्यक्ति के लिए यह सपना बस सपना ही रह जाता है पर बंगलौर के रमेश बाबू के लिए यह बात नहीं लागु होती है।

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बेंगलुरु के रमेश बाबू पेशे से एक नाई है जो 75 रुपये में लोगो के बाल काटते है। पर इनके पेशे पर ना जाये क्योंकि जो बड़े बड़े करोड़पति नहीं खरीद पाते है वो इन नाई भाईसाहब के पास है। बाबू के पास आज दुनिया की अधिकांश लक्ज़री कार्स मौजूद है।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक, रमेश ने पिछले महीने 3.2 करोड़ रुपये के मर्सिडीज-मायाबैक को खरीदा है, जिसे उन्होंने जर्मनी से स्पेशल ऑर्डर दे कर आयात किया है। विजय माल्या के बाद, वह इस कार को आयात करने वाले शहर के दूसरे व्यक्ति है।

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पर आप यह जरूर सोच रहे होंगे की सिर्फ लोगो के बाल काट कर कोई कैसे लक्ज़री कार खरीद सकता है, तो आपको बता दे की रमेश बाल काटने के साथ साथ रमेश टूर्स एंड ट्रेवल्स का बिजनेस भी करते है। पर इस बिजनेस में कोई ऐसी वैसे कार्स नहीं बल्कि लक्ज़री कार्स को रेंट पर देते है, जिनकी एक दिन का भाड़ा तक़रीबन 50 लाख रूपए होता है।

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पर इतने बड़े बिजनेस के मालिक होने के बावजूद भी रमेश नियमित रूप से सैलून में रोजाना कम से कम पांच घंटे काम करते हैं, जहां वह व्यक्तिगत रूप से अपने नियमित ग्राहकों के बाल काटते हैं।

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रमेश के बचपन की बात करे तो रमेश के पिता का निधन हो गया था जब वह नौ साल के थे। बहुत गरीबी होने के कारण, उन्होंने बचपन में ही पढाई छोड़े दि और पूर्णकालिक नाई बन गए। अपनी कड़ी मेहनत और अच्छे नेटवर्क के साथ, वह बाद में बाल स्टाइलिस्ट बन गए।

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1994 में, उन्होंने मारुति ओमनी वैन खरीदा और इसे किराए पर देना शुरू कर दिया और धीरे धीरे उनका बिजनेस चल पड़ा। अभी उसके पास 150 लक्जरी कारें हैं, जिनमें से कुछ वह खुद काम पर आने के लिए ड्राइव करते हैं, या अगर उन्हें अच्छे ग्राहक मिलते हैं तो किराए पर दे देते हैं।

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